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*अष्टावक्र का ज्ञान* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐

Karan Singh 30 Mar 2023 आलेख धार्मिक Ram/जय श्री राम/धार्मिक महत्व/सपनों का सौदागर.... करण सिंह/ Karan Singh/google/सनातन धर्म/स्टोरी/shayari/शायरी/संत रविदास/Ram/जय श्री राम/धार्मिक महत्व/सपनों का सौदागर.... करण सिंह/ Karan Singh/google/सनातन धर्म/स्टोरी/shayari/शायरी/संत रविदास/*🌳🦚प्रेरक कहानी🦚🌳* *💐जमी हुई नदी💐* 👌सपनों का सौदागर....करण सिंह👌/जमी हुई नदी/*प्रेरक कहानी* 👇👇👇 *"पडोसी......* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर..... करण सिंह💐/पड़ोसी/*🌳🦚प्रेरक कहानी🦚🌳* *💐💐अनोखी साइकिल रेस💐💐* #प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......करण सिंह#/अनोखी साइकिल रेस/*प्रेरणास्पद कहानी..✍🏻* *काबिलियत की पहचान..* 💐सपनों का सौदागर.......करण सिंह💐/काबिलियत की पहचान/ ●प्रेरक कहानी● *झूठा अभिमान* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......करण सिंह💐/झूठा अभिमान/*प्रेरक कहानी* *'स्टील का डब्बा'* 💐सपनों का सौदागर.......करण सिंह💐/स्टील का डिब्बा/*उत्पत्ति एकादशी व्रत कथा:-* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर......करण सिंह💐/एकादशी व्रत कथा/*प्रेरक कहानी* *पिता पुत्र के प्यार का अंतर* 💐सपनों का सौदागर......करण सिंह💐/पिता पुत्र के प्यार का अंतर/*अष्टावक्र का ज्ञान* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐/अस्तवर्क/अष्टावक्र का ज्ञान/ 33942 0 Hindi :: हिंदी

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*अष्टावक्र का ज्ञान* 
 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐
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ऋषि को अपने शिष्य *कहोड़* की प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्होंने *अपनी पुत्री सुजाता का विवाह कहोड़ से कर दिया।* सुजाता के गर्भ ठहरने के बाद *ऋषि कहोड़ सुजाता को वेदपाठ सुनाते थे।* तभी सुजाता के गर्भ से बालक बोला - *‘पिताजी! आप गलत पाठ कर रहे हैं।* इस पर कहोड़ को क्रोध आ गया और शाप दिया *तू आठ स्थानों से वक्र (टेढ़ा) होकर पैदा होगा।*
                  
कुछ दिन बाद कहोड़, *राजा जनक के दरबार में एक महान विद्वान बंदी से शास्त्रार्थ में हार गए और नियम अनुसार, कहोड़ को जल समाधि लेनी पड़ी। कुछ दिनों बाद अष्टावक्र का जन्म हुआ।*
                   
एक दिन माँ से पिता की सच्चाई पता चली, तो *अष्टावक्र दुखी हुआ* और बारह वर्षों का अष्टावक्र बंदी से शास्त्रार्थ करने के लिए *राजा जनक के दरबार में पहुंचा।* सभा में आते ही बंदी को शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दी, *लेकिन अष्टावक्र को देखकर सभी पंडित और सभासद हंसने लगे,* क्योंकि वो आठ जगह से टेढ़े थे, उनकी चाल से ही लोग हंसने लगते थे। *सभी अष्टावक्र पर हंस रहे थे और अष्टावक्र सब लोगों पर।* जनक ने पूछा- ‘हे बालक! सभी लोगों की हंसी समझ आती है, *लेकिन तुम क्यों हंस रहे हो?*
                

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*अष्टावक्र का ज्ञान* 
 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐
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अष्टावक्र बोले - महाराज *आपकी सभा सभा में कोई विद्वान नहीं! ये चमड़े के पारखी हैं। मंदिर के टेढ़े होने से आकाश टेढ़ा नहीं होता है और घड़े के फूटे होने से आकाश नहीं फूटता है।* इसके बाद शास्त्रार्थ में बंदी की हार हुई। अष्टावक्र ने बंदी को जल में डुबोने का आग्रह किया। 
                  

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*अष्टावक्र का ज्ञान* 
 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.....करण सिंह💐
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बंदी बोला मैं वरुण-पुत्र हूं *और सब हारे ब्राह्मणों को पिता के पास भेज देता हूं। मैं उनको वापस बुला लेता हूं।* सभी हारे हुए ब्राह्मण वापस आ गए, *उनमें अष्टावक्र के पिता कहोड़ भी थे।* इसके बाद राजा जनक ने *अष्टावक्र को अपना गुरु बना लिया और उनके आत्मज्ञान प्राप्त किया।* राजा जनक और अष्टावक्र के इस संवाद को *अष्टावक्र गीता के नाम से जाना जाता है।*
                  
जैसे आभूषण के पुराने या कम सुन्दर होने से सोने की कीमत कम नहीं हो जाती, *वैसे शरीर की कुरूपता से* आत्म तत्व कम नहीं होता। कभी किसी व्यक्ति के शरीर की सुंदरता को देखकर *प्रभावित* या किसी की कुरूपता को देखता *घृणा नहीं करनी चाहिए,* क्योंकि शरीर तो हाड़-मांस से बना है। *देखना है तो उसका ज्ञान, प्रेम और दिव्यता देखो, क्योंकि आत्मा सबका समान है!*

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*अष्टावक्र का ज्ञान* 
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