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रोने से क्या फायदा
#दोहा_छंद रोने से क्या फायदा,आगे की यूं सोच। रहो दूर तकलीफ से, जीवन में हो लोच।। रोने से क्या फायदा,गलती स्वयं सुधार। नये ढंग से बढ़ो
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फैसला
मुक्तक होगा जिस दिन फैसला, देगा दिव्य ललाम। प्यार करूँ मैं आप से, होठों पर ले नाम। मेरे जैसा और भी, लाखों में हो आप-- हरदम तुम ही र
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नौकरी की तलाश
पढ़ते पढ़ते आधी उमर बीत गई फिर भी हुआ नहीं कुछ खास मन में है बस नौकरी की आस अपनी पहचान की तलाश।। बहुत परीक्षाएँ भी दे चुके सफलता फिर भ
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आत्म स्वरूप
आत्म स्वरूप होता है क्या आत्मा का स्वरूप बदलती है यह अनेक रूप! समझे समझाएं खुद का स्वरूप होता है देह का अनेक रूप! होती है देह में चे
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मन : शक्ति का स्त्रोत
शीर्षक :- मन कैसे समझे मर्म विश्व का टूटता है जब अभिमान देह का! कैसे मिले पंछी को आजादी होती है उसे जब प्रभु की प्राप्ति! चेतना तो है
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जिंदगी की कुछ बाते
कुछ बातें बचपन से जवानी तक कुछ सुनलों और कुछ सीख के रख सुबह जाते और शाम को वापस आते है कुछ से बाते तो कईयों को भूल जाते है उलझ गई है ज�
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दरिया भी तन्हा रहता है
दरिया भी तन्हा रहता है ✍️ प्रतिभा खडेकार ,,,,,7517947668 असीम गहराई सीने में छुपाए, जो हर पल चुपचाप बहता है। दुनिया की नजरों में जो खुश है, व
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प्रभु की महिमा
प्रभु की महिमा करता हूं उस प्रभु को नमस्कार टिका हुआ है जिस पर संसार! अकल्पनीय है स्वरूप उसका खास क्यों माने उसे मानव के रूप में आज!
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विश्व का स्वरूप
विश्व का स्वरूप बनते बिगड़ते इस विश्व में समझते समझाते इस विश्व में! मृत्यु से पहले इस विश्व में जीवन की नैया को पार लगाते! बदलता ह
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एक सच
अनंत कैसे पहुंचे अनंत के पार जहां है समाधि स्थल हमार! होती है प्रकृति का अंत जहां करते हैं शुरुआत प्रभु वहां! नहीं है अंत शरीर क�
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मृत्यु का सच
मृत्यु होता है क्या मृत्यु का राज खोलती है प्रकृति इसे आज ! परिभाषा है चेतना की खास जुड़ी है प्रभु प्राप्ति की आस! होता है जब शरी�
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मृत्युका का सच
मृत्यु होता है क्या मृत्यु का राज खोलती है प्रकृति इसे आज ! परिभाषा है चेतना की खास जुड़ी है प्रभु प्राप्ति की आस! होता है जब शरी�
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