"ये दिन-रात गुज़र रहे,
वक्त पल-पल गुज़र रहे,
देख जीवन की ये अनोखी लीला,
ये तो बस श्वासों में गुज़र रहे!
न कुछ ठहरता है यहाँ, न कुछ रुकता है read more >>
"पीपल वाली भूतनी"
चाय की दुकान पर 4,5 दोस्त खड़े आपस में बात कर रहे हैं राम, श्याम,बंटी,पिंटू,गोलू
राम - अरे यार कल मैं दोपहर में उस जंगल वा� read more >>