(मुक्तक छंद)
01
जिन्दगी को मैंने इस कदर देखा जिन्दगी मुझ में डूब गई।
मेरी हर चाहत को पूरा करने के लिए मुझ में डूब गई।
अब आलम यह है कि सारी read more >>
अगर तुम पूछते हो कौन हैं शिव...
तो सुनो...
जब सबने मेरा साथ छोड़ दिया,
तब जिसने मेरा हाथ थामा,
वो हैं शिव... ❤️
जब मेरी दुआओं में सिर्फ़ खाम� read more >>
बचपन कितना प्यारा था,
सबका लाड़ दुलारा था /
भाई-बहन के साथ था,
माँ बापू का प्यार था /
चाहत चांद को पाना था,
तितली का दिल दिवाना था /
मौसम भ read more >>
सिर्फ़ तुम...
मेरा प्यार हो तुम,
मेरी जान हो तुम,
मेरे हर सपने का सबसे खूबसूरत अरमान हो तुम।
मेरी आँखों में बसने वाली रोशनी हो तुम,
मेरे � read more >>