Poonam Mishra 22 Jun 2023 आलेख समाजिक मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं 88872 1 5 Hindi :: हिंदी
कभी-कभी हमारे जीवन में कुछ ऐसे पल भी आते हैं जिन्हें हमें गुजारना बहुत मुश्किल हो जाता है और हम इतने दुखी हो जाते हैं कि लगता है कि अब जीवन ही समाप्त हो जाए तो ज्यादा अच्छा है परंतु मेरा यह मानना है कि कोई भी दुख मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं होता अतः दुख के समय धीरज ना खोए और परिस्थितियों का आकलन करें स्वयं को इस परिस्थितियों के अनुसार अपने आप को आगे बढ़ाने का प्रयास करें वह कौन सा ऐसा दुख है जो मनुष्य के साहस से बड़ा है