Danendra 30 Mar 2023 आलेख समाजिक 70743 2 5 Hindi :: हिंदी
हर कोई सफलता की आस में लगे हुए है,और कठिन से कठिन पड़ाव पर रुक जाते है ।
अधिकाश लोग ठिक अंतिम पड़ाव पर हार मान लेते है । कोशिश करना बंद कर देते है,
और मनभवित निराश हो जाते है।
सफलता की रेखा बस एक कदम की दुरी पर ही होता है। मंजिल को पाने के लिए एक कदम की दूरी 5% ही शेष रह जाता है , जिससे थोड़ा और कोशिश से विजय रेखा को पार कर सफलता हासिल किया जा सकता है।
यदि आपके, असम्भव कला ,प्रतिभा, असम्भव बाते ,को सुनकर यदि कोई बंदा या बंदी आपको पागल बोले तो ,आप बिलकुल 100% सही ट्रैक पर हो।
3 years ago
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