Shubham Kumar 30 Mar 2023 आलेख समाजिक मेरे गांव और गांव के संस्कृति 79806 0 Hindi :: हिंदी
ऐसे गांव की बात कुछ अलग ही है,, वह शहर से, बहुत ही अलग होता है,, अगर एक आदमी को कुछ हो जाए,, तो सारा गांव वाले दौड़ने लगते हैं,, अगर किसी के घर में आग भी लग जाती है तो,, लोगों से मिलजुल कर पानी डालकर बुझा देते,,() यह बात एक सुंदर से गांव का है,, जहां की संस्कृति का,, हिंदू धर्म से, महान संस्कृति से, जुड़ा है--- वह गांव जमुना नदी के, किनारे बसा हुआ है' उस नदी के किनारे,, कदम का पेड़ है,, और आसपास में फूल की फुलवारी है,, और हरे-भरे बगीचे हैं,, जब सूर्य की लालिमा होती है,, तब ऐसा प्रतीत होता है,, मानो के, धरती पर कहीं स्वर्ग है तो ऐसी गांव में है,_ इस गांव की हरियाली कम नहीं है,, एक बार महाभारत में, ऋषि राज, बृहस्पति से, अपनी यज्ञ संपन्न होने के बाद, प्रजा के कल्याण हेतु,, कुछ कार्य पूछे थे,, तब उन्होंने कहा था,-- के हैं राजन_ अगर जिसके पास ज्यादा धन होता है, तो सबसे पहले, कुंवा, तलाब बाग बगीचे का निर्माण करें,, और बच्चों के लिए शिक्षा का बंदोबस्त करें( बेख्या) यहां पर देने जा रहा हूं" विदुर नीति के विचारों का-( उनसे धृतराष्ट्र प्रश्न किए थे) एक धर्मी राजा या एक राजा का क्या फर्ज होता है अपनी प्रजा के लिए''' तभी विदुर जी कहते हैं_ उन्होंने कहा था,, कि राजा सबसे पहले,, अपने राज्य में,, अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, बाग बगीचे का निर्माण कराएं, गुरुकुल का निर्माण करें,_ कुआं का निर्माण कराएं, तालाबों का निर्माण कराएं, अगर देखा जाए, तो हमारी महान संस्कृति में, प्रकृति को,_ स्वच्छ बनाने के लिए जीवन को सुंदर बनाने के लिए, बातें कही गई है, उस धर्म में कहीं ऐसा नहीं लिखा, यह धर्म झूठा है वह धर्म झूठा है,,,( जब हमारे गांव में) किसी की शादी होती है, तो सारी महिलाएं,, आपस में मिलकर_ संगीत गाती है,, और हंसी मजाक चलती रहती है,_ हमारे गांव में, उस वक्त का नजारा,, कुछ अलग ही होता है,, जब किसान अपने खेतों में,, फसल बोते हैं,, तो सारी महिलाएं,, फसल भी बोते समय, संगीत गाते हैं अपने आराध्य देव को,, खुश करने के लिए, कुछ गीत गाती हैं,, जो सुनने में बहुत ही मनमोहक लगता है,, जिस किसान के घर में, पहला फसल बोया जाता है,, उसे सबको अच्छी प्रकार से,, खाना दिया जाता है,, जो पहला फसल होता है,, वहां पर पहले भगवान कुबेर,, की आराधना और पूजा होती है,, अच्छी फसल के लिए किसान कामना करते हैं,,, जब धान का फसल तैयार हो जाता है,, तो फसल काटने से पहले,, पूरे गांव के फसलों में,, एक आदमी, गांव के देवता का, आराधना करता है, खेतों से कुछ फसल- तोड़कर, गांव के देवता के ऊपर, चढ़ाता है,, फिर पूरा गांव के आदमी, उस व्यक्ति को, अपने घर से कुछ अनाज देते हैं, फिर ब्राह्मण को दान दिया जाता है,, फसल कटने के बाद,, जो धान का ढेर होता है,, वहां पर गाय के गोबर, का एक शिव बनाकर,, रख दिया जाता है, और काशी कुश, घास, जो पवित्र माना जाता है, उस के ऊपर रखा जाता है, फिर उस धान के ऊपर, एक पुंज को, बनाते हैं, जिसे 5 लोग पकड़ कर, बड़े ही श्रद्धा से, रखते हैं-- जिसे पंचदेव कहा जाता है_ जिस धान के फसल को काटा जाता है,, उस समय उस खेत में, उस गांव के माली आते हैं,, और उन्हें कुछ खेत का धान, किसान भेंट करते हैं,,( मैं महान संस्कृति को) बार-बार नमन करता हूं,, ऐसी कीर्ति कहीं देखने को भी ना मिलेगी,, मुझे गर्व है, कि मैं भारत में जन्म लिया हूं,, और मेरी गांव की संस्कृति,, महान संस्कृति से जुड़ी हुई है,,
Mujhe likhna Achcha lagta hai, Har Sahitya live per Ham Kuchh Rachna, prakashit kar rahe hain, pah...