Ranjana sharma 25 Aug 2023 आलेख दुःखद हम तो अब समझने लगे हैं#Google# 54650 0 Hindi :: हिंदी
हम तो अब समझने लगे हैं कि
अपना वक़्त किसी के लिए ऐसे मत
गवाओं जिसकी नजर में तुम्हारी कदर नहीं
अपना वक़्त वहां दो जो आपको बहुत तो नहीं ,
रोज तो नहीं ,हर वक़्त तो नहीं बस इतना कि
बहुत व्यस्त होने पर भी आपको याद एकबार तो कर ही
लेता हो ऐसा भी नहीं कि दूर हो याद नहीं किया और आपके पास हो तो आपको खूब याद किया
धन्यवाद