Poonam Mishra 04 May 2023 आलेख समाजिक पता नहीं क्यों कुछ बातें मन में हमेशा रह जाती है 50640 0 Hindi :: हिंदी
कमाल की बात होती है ना ! कि कभी-कभी आंखों में यूं ही आंसू आ जाते हैं lक्यों ?पता नहीं कुछ लोग हमारे जीवन में यूं ही हम से दुश्मनी निभाते हैं l क्यों ?पता नहीं ! कभी-कभी हम लोगों से बहु कुछ कहना चाहते हैं !चिल्ला !चिल्ला! कर अपनी बातों को व्यक्त करना चाहते हैं l परंतु हम कुछ भी नहीं कहते हैं क्यों ? पता नहीं !कभी-कभी बहुत प्रयास करने पर भी सफलता नहीं मिलती शायद किस्मत हमसे रूठी रहती है !क्यों ! पता नहीं हमारे पास बहुत बुद्धि है परंतु अपनी बुद्धि का कुछ भाग इस्तेमाल करते हैं बाकी भाग में जंग लग जाता है क्यों? पता नहीं कभी कभी हम लोगों की बातों से इतना दुखी हो जाते हैं lऔर इतना आत्म सम्मान को चोट लगता है कि मेरा आत्मसम्मान घायल हो जाता है आत्मसम्मान कोई शरीर नहीं होता फिर भी घायल हो जाता है क्यों ? पता नहीं !अपनों से जुड़े रिश्तो को बहुत संभालने की कोशिश करते हैं फिर भी वह रंग बदल देते हैं वह मौसम नहीं फिर भी मौसम की तरह रंग बदलते हैं क्यों ?पता नहीं! लेखिका पूनम मिश्रा