संदीप कुमार सिंह 12 May 2023 आलेख समाजिक मेरा यह आलेख समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 23682 0 Hindi :: हिंदी
ग्रामीण जीवन में सामाजिक गतिशीलता बहुत कम होती है। लोग अधिकतर कृषि में लगे होते हैं। गैर कृषि व्यवसाय भी अधिकतर वंशानुगत आधार पर अपनाए जाते हैं। जाति व्यवस्था की कठोरता भी लोगों के व्यवसायों की पसंद को सीमित करती है और अधिकतर लोग अपने जातीय व्यवसायों को ही अपनाते हैं। गाँव में रोजगार के अधिक अवसर न होने के कारण भी सामाजिक गतिशीलता मंद रहते है परन्तु नगरों में विभिन्न प्रकार के व्यवसायों की सुविधा होने, जातिगत व्यवसायों को अपनाने की कठोरता के अभाव के कारण तथा लोगों में व्यक्तिवादी व प्रतियोगितावादी विचारों के कारण सामाजिक गतिशीलता तीव्र होती हैं। एक ही परिवार के लोग भिन्न _भिन्न व्यवसायों को अपना लेते हैं। नगरीयता तथा गतिशीलता सकारात्मक रूप से अन्तः सम्बन्धित हैं। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....