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सही सोच का नतीजा

ASHWANI PANDEY ( ADVOCATE ) 30 Mar 2023 आलेख समाजिक सही सोच का नतीजा 53362 0 Hindi :: हिंदी

*सही सोच का नतीजा*



कहा जाता है कि जितनी बडी सोच हमारी होगी उतना ही ज्ञान का विस्तार भी होगा। यानी हमारी सोचने समझने की शक्ति अन्य लोग से अधिक होगी। जिससे हम हर समस्या को आसानी से पार कर सकते है।

एक बार एक गांव मे एक सरपंच जी रहते थे उनकी प्रखर बुद्धि से उन्हे जाना जाता था। पूरा गांव उनका सम्मान करता था। तथा गांव की खुशहाली के लिए सरपंच जी खूब मेहनत करते थे। यही नही दूर दूर से भी लोग उनके पास न्याय मांगने आते थे।

एकबार दूर गांव से उनको मिलने एक व्यक्ति आता है और कहता है कि मैने किसी व्यक्ति को रात मे रहने के लिए जगह दी थी। किन्तु वह कीमती चीज लेकर भाग गया।

सरपंच जी कहते है कि उस व्यक्ति को और जिसने उसे पकड़ा  उसे यहां पेश करो। दूसरे दिन दोनों को पेश किया जाता है । सरपंच जी पहले अतिथि से पूछते है।कि क्या तुमने चोरी की है। वह कहता है नही मै तो आराम से कमरे मे सो रहा था मैने चोरी की आवाज सुनी तो चोर के पीछे भागा और मुझे ही दोशी बताया गया।

फिर दूसरे कैदी से पूछते है जो की गांव का ही चौकीदार था। वह कहता है कि  मैने इसे भागते हुए देखा तभी मैने इसको पकडा। सरपंच की कुछ समझ मे नही आ रहा था। उन्हे दूसरे दिन आने को कहा लेकिन दूसरे दिन भी कुछ न हुआ।

फिर सरपंच जी ने तरीका सोचा और कहा कि गांव के बाहर एक बक्सा पडा है तुम दोनों उसे मेरे पास लादो तो तुम दोनों का गुनाह माफ हो जायेगा। दोनों दौड़ते हुए जाते है और दोनो चले जाते है बक्सा लाते समय दोनो बाते करते है कि तू गांव का चौकीदार है तो फिर चोरी क्यों करता है।
तबतक चौकीदार कहता है कि मै तो चोरी कर रहा था तो तुमने मुझे पकडा क्यों फिर दोनों सरपंच के पास पहुच जाते है और कहते है इसमे इतना भारी क्या है।

सरपंच जी बक्सा खोलते है, तो उससे एक आदमी निकलता है । वह आदमी सबकुछ कहता है जो उसने सुना था। आखिर चौकीदार को सजा होती है और अतिथि को सम्मानित किया जाता है।

आखिर सरपंच जी की सोच ने एक सही फैसला सुनाया जिससे वह अतिथि निर्दोष साबित हुआ।

इसीलिए कहा गया है कि सोच बडी होनी चाहिए उससे हर समस्या के हल निकल जाता है

  

*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*
🙏🙏🙏🙏🌳🌳🙏🙏🙏🙏🙏

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