Niharika Senapoti 16 Nov 2025 आलेख अन्य दिल की कोठरी 9458 0 Hindi :: हिंदी
आज भी मोती सा चमके दिल की कोठरी में कहीं। आज बस बेबस खड़ा हूँ, जैसे कुछ रहा ही नहीं। दर्द से थका, हारा मन, अशांत, व्याकुल है आज। भ्रमित जीवन की राह पर,खो गया सारा ही राज।
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