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Arti sharma

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हर बार उम्मीद टूटी , ऐसी कोई जंजीर फिर रूठी ।। read more >>
ख्वाब का समंदर फिर टूटा है, ऐसा ही शीशा फिर एक बार छूटा है ।। read more >>
नम आंखे गम बन गई, गम मेरी तन्हाई बन गई, तन्हाई मेरी तकदीर बन गई, तकदीर मेरी तस्वीर बन गई, तस्वीर मेरी रुसवाई बन गई, रुसवाई मेरी भरपाई बन गई read more >>
गम की चादर ने मुझे ओढ रखा है , ऐसी ही अपनी तन्हाई ने मुझे जोड रखा है ।। read more >>
खो - खोकर, खोने वाले तेरा खेल निराला है , हर बार तुम्हे अपनाने वाला मेरे जैसा कोई परवाना है ।। read more >>
नम आँखें फिर मुस्करा गई, ऐसा क्या कहा उसने कि उसे देख फिर इतरा गई।। read more >>
मेरे ख्वाबो को तेरी नजर लग जाए , यूं लगे और लगती ही रह जाए।। read more >>
क्या लिखूँ , तुझ पर ऐ जिन्दगी ! तुने बडा सताया है , हर बार मेरे हिस्से का गम, मुझ पर ही क्यूँ फरमाया है ।। read more >>
खुददारो का खुददार आया है, खुदा जाने , अब किसके हिस्से बेशुमार प्यार आया है ।। read more >>
लडखडा कर चलना , रब तेरी रजा है, अब मै कैसे मानूं , यह मेरे हिस्से दी सजा है ।। read more >>
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