शमशान तक ही तो जाना है फिर क्यों इतनी माया है, यह जीवन मेरा है यह तन मेरा है फिर क्यों एक दिन इस में आग लगाना है ।शमशान तक ही तो जाना है फिर read more >>
गमों के दौर यूं ही आते रहेंगे ।अपने पराए ऐसे ही होते रहेंगे ,
उन पराए जैसे अपनों के लिए कभी आंसू बहाना मत ,
उन आंसुओं को रोक के एक अपने अस� read more >>