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Meenakshi Tyagi

Meenakshi Tyagi

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@ rajata-tayaga
, Rajasthan

मैं मीनाक्षी त्यागी,मूल निवासी उत्तर प्रदेश से हूं। राजस्थान में 20 सालों तक सूरज एजुकेशन ग्रुप और अन्य कई स्कूलों में एक प्राइवेट शिक्षिका रह चुकी हूं और फिलहाल एक गृहिणी हूं। साहित्य लाइव का नाम मैंने सुना तो मेरी अंदर की छिपी कवियत्री ने एक बार फिर से मुझे आवाज लगाई और मैने फिर से लिखना शुरू किया और साहित्य लाइव पर मेरी कविताओं को मेरे लेखों को एक पहचान मिल रही है, दिल से बहुत बहुत धन्यवाद।

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My Articles

किसी भी उपाधि (डिग्री) को प्राप्त करने की एक समय सीमा है परंतु व्यवहारिक ज्ञान को प्राप्त करने की कोई भी समय सीमा नहीं है हम तमाम उम्र स� read more >>
है क्षण भर का ये जीवन, फिर भौतिकता में तू क्यूं कर रहा रमन उपाधि, उपमा, उपलब्धि का ही रहता है केवल यहां प्रसंग व्यवहारिक ज्ञान का कोई मो� read more >>
मुझे आज भी याद है कि जब में कक्षा १ या २ में रही हूंगी और मै बिल्कुल ऐसी ही थी जैसे सब बच्चे बचपन में होते है मनमौजी, अपनी ही धुन में। एक द� read more >>
हवाएं भी बेरुखी सी थी और मौसम भी नाराज था लग रहा था कि जैसे ये मेरी तबाही का साज था पर एक बादल घुमड़ कर ऐसा बरसा मुझ पर कि मैने जाना ये त� read more >>
खफा खफा रहते है वो मुझसे आजकल.. खफा खफा रहते है वो मुझसे आजकल क्या किसी को टूटकर चाहना भी इतना बड़ा गुनाह हो गया।। read more >>
हे मेरे शिव, हे मेरे भोलेनाथ कोई दे या न दे, तुम देना मेरा साथ हे त्रिपुरारी, हे त्रिकालदेव, हे त्रिनेत्रधारी भीड़ बहुत है इस दुनिया मे� read more >>
जो जख्म नासूर बन गए क्या वक्त उन्हें भर पायेगा कुदरत की लिखी किस्मत से क्या कभी बंदा बच पाएगा।। read more >>
खुशियों से भरा था जीवन उड़ रही थी मैं पंख फैलाए नैनो में भरी थी आशा तन से युवान खुशबू आए फिर धीमा जहर बन कर तुम मेरी जिंदगी में आए आशाओ� read more >>
मैं एक कवयित्री हूं शब्दों की उधेड़बुन करके करती अपने विचारों की अभिव्यक्ति हूं हां मैं एक कवित्री हूं ठहराव था कभी जिस कलम में उस � read more >>
जी हां, 80 और 90 के दशक के हम सब भारतीय अपने हिंदू समाज के सभी रीति रिवाजों के साक्ष्य हैं। जैसा बचपन हमने जिया है वैसा बचपन हमारे बच्चों क� read more >>

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