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Ranjana sharma
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Ranjana sharma
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@ ranjana-sharma
, Orissa
Myself Ranjana Sharma.I live in Bhubaneswar,(Orrisa).
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छुपाए पर छुपता नहीं
कितना दर्द है तेरी इन आंखों में तू छुपाए पर छुपता नहीं तेरे चेहरे में ऐ आंखें तेरी बयां कर देती लवों से पर कुछ न कहती झलक ही आती है चेह�
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कितने मासूम
कितने मासूम हो तुम किसको आए तरस ना जो भी देखे तुझे हार बैठे दिल अपना मेरे बस में नहीं है तुझको चुप कराना पर मुझसे देखा न जाए इस तरह से �
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झूठा
तू झूठा तेरा प्यार भी झूठा वादें कसमें सारे झूठे टूट गया अब रिश्ता नाता क्या कहे हम तुझसे ओ मेरे सनम दिल कितना रोता है कैसे कहे हम।
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ढोंगी पंडित
एक गांव में एक बहुत धनी व्यक्ति रहता था जिसका नाम रामप्रसाद था ,उसके पास सबकुछ था क्योंकि पैसा था पर उसे खर्च करने के लिए उसके पास कोई न�
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बेवफा
मुझे पता है तू बेवफा है तेरी अदा पे दिल फिर क्यों फिदा है जब से मिले हो ओ जाने जाना क्या मैं बताऊं कहां ठिकाना मेरा सबकुछ तूने ही लूटा �
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जिंदगी लेती है
जिंदगी हमें ऐसे ही बहुत कुछ नहीं सीखाती हमसे बहुत कुछ लेती है तब जाकर हमें कुछ सीखने को मिलता है। धन्यवाद
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तब और अब
तब और अब की हंसी में बस इतना ही फर्क है कि पहले मुस्कुराती थी तो मुरझाए फूल खिल जाते थें अब मुस्कुराती हूं तो खिले फूल मुरझा जाते हैं।
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किताब
किताब लिखने बैठी थी खुद किताब बन गई क्या करे जो भी आता बस पेज पलट कर चला जाता धन्यवाद
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विश्वास
समीरा अपने बैग को संभालते हुए बहुत ही तेज़ी से बस स्टॉप की तरफ आगे बढ़ रही थी ,कुछ देर बाद वह बस स्टॉप पर पहुंच जाती और बेसब्री से बस का इ�
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कवि
कवि वो है जो कहीं भी कविता कर जाए वो कवि ही क्या जिसकी कविता घायल न कर जाए। धन्यवाद
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