बहुत हुआ है देर अब,अब तो आंखें खोल।
सूरज लाए दिवस नव,जो है अति अनमोल।।
नित्य बढ़े यह रोग अब, अब तो आंखें खोल।
मानवता पर घात है, हो जाएं स� read more >>
मानव और दानव शब्द देखने तथा सुनने में तो एक सदृश्य लगता है। लेकिन दोनों में विशाल अंतर है। कभी जब धरा पर दानव भी हुआ करता था। दानव भी तप � read more >>