(मुक्तक छंद)
कभी हालात ने साथ नहीं दिया था।
कभी अपना ही हम से रूठ गया था।
त्याग की राहों मैं सतत चलता रहा_
तब जा के कहीं समर्थन मिल रहा था read more >>
(मुक्तक छंद)
कभी हालात ने साथ नहीं दिया था।
कभी अपना ही हम से रूठ गया था।
त्याग की राहों मैं सतत चलता रहा_
तब जा के कहीं समर्थन मिल रहा था read more >>
आदमी बनना पड़ता है। खाली जन्म आदमी कुल में लेने से नहीं हो जाता है। अपनी भावना एवम् कर्म को सादगी की राह पर रखना पड़ता है। तब जा के समाज � read more >>
(दोहा छंद)
यही बात है सीखना, प्यास न जाने जात।
रहते कांटे फूल सह,करते मन की बात।।
प्यास न जाने जात को,मौसम करे न वैर।
सब पर एक प्रभाव दे,स read more >>