(दोहा छंद)
जरा जरा सी बात पर, हो जाती है खार।
संयम वाणी पर रखें, फिर होती है प्यार।।
जरा जरा सी बात पर, कर लें हम सब ध्यान।
दे सकते हैं सीख read more >>
यत्र_तत्र_सर्वत्र माता की ही तेज है,
माता से ही जीवन में नित खुशियां है।
जन्म_मरण सब तुझ से ही है जुड़ा,
सारे विधि का विधान भी तुझ से ही � read more >>
(दोहा छंद)
माया ममता मोह में, जीवन हो बर्बाद।
इन सबको अब त्याग कर, खुद को कर लें साद।।
माया ममता मोह में, लगते हैं नित पाप।
भक्ति राह पे म read more >>
तेरे श्रंगारों में मैं ही तो बसता हूं,
तेरी हर अदाओं का मैं ही तो दिवाना हूं।
और कोई चेहरा ना पहचानु,
तूं ही तूं चारों तरफ_
तूं ही तूं चा� read more >>