ना जाने कौन सी
हिमाकत की थी वक्त के साथ हमने,
जिससे ऐसी नजाकत पेश की वक्त ने।
आज वक्त,
बेवक्त में ही काल बनकर आ रहा,
इस धरा पर काले बादल स� read more >>
ये बेटियां,
घर की महकती कलियां,
ये ही तो हैं जो खुशी में भी रुला जाती हैं
ये ही तो हैं जो हर गम को भुला जाती हैं
खुद के सपने भी पिता की औ� read more >>