मैं अपने जख्मों पर भी मुस्कुराना चाहती हूं,
मैं जैसी हूं वैसी ही रहना चाहती हूं,
सुना है कमजोर को और दर्द देती है,
ये दुनिया,
इसलिए मैं खुद को ,
मजबूत बनाना चाहती हूं।
बस यादें रह जाती है किसी के जाने के बाद,
जैसे हंसी रुक जाती है और तू आने के बाद,
सभी रिश्ते टूट जाते हैं मृत्यु होने के बाद,
बस प्यारी सी य read more >>
एक नन्ही सी कली हूं,
मां तेरे आंचल में ही पली हूं,
सिर्फ एक इंसाफ के लिए चली हूं,
वह इंसान जो हक है हमारा ,
फिर क्यों ?
फिर क्यों ?
नोच दिय� read more >>
डांट कर तो सब अपनापन दिखाते हैं,
लेकिन जो डांट कर मना सके,
वो शख्स चाहिए।
शक तो हर कोई करता है मुझ पर ,
लेकिन जो अटूट विश्वास दिखा सके ,
व� read more >>