न जाने मन में उठते हैं क्यों?
हजारों सवाल !
न जाने दिल क्यों?
आज कह रहा है !कह दूं मैं भी
कुछ अपने दिल का हाल!
कहने को बहुत कुछ है!
मगर जुब read more >>
न देखो पीर उर की, पर अधर की प्यास तो देखो
निहारो मत दिये को, पर शलभ की लाश तो देखो
न कहना फिर तड़प का कुछ असर होता नहीं जग में,
धरा के ताप पर read more >>