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उसका नाम रतन था, लोग उसे काबुलीवाला, इसलिए कहते थे, कि उसके मासूम दिल में, सबके लिए प्रेम था, और उसने एक दिन_ अपनी जाने निछावर कर दी_ यह दर् read more >>
उस दिन को हम कभी भी नहीं भुला सकते_ वह एक सांड था, जो दिखने में बहुत ही खतरनाक था_ लेकिन उसके दिल में प्रेम था_ हमारे भावनाओं को समझता था_ य� read more >>
यह लगभग, 40 वर्ष पहले की बात है, वह गांव का प्रधान था, उनकी हुकूमत से, हमारा गांव के लोग, कांपते थे सारा गांव का जमीन, उन्हीं का नाम था, आस-पा read more >>
एक समय की बात है एक गांव में एक गरीब परिवार रहता था माता पिता दो भाई तीन बहन परिवार बहुत ही निर्धन था उस परिवार का कोई घर नहीं था एक छोटी � read more >>
पोपट जिले से थाना प्रभारी[ मजनू दास] के थाने में अभी-अभी एक आदमी[ बैठा है] वह रिपोर्ट लिखाने जाते हैं< देखिए माय बाप[ मेरे पास 2000 रुपया थ read more >>
एक लड़का था जो हमारे साथ ही, स्कूल में ,पढ़ता था, वह पढ़ने में होशियार था_ एक दिन वह_ निजी कुछ लालच के कारण_ मारा जाता है_ यह कहानी कुछ इसी प� read more >>
जब मैं छोटा था तब मेरी मां, मुझे नींद नहीं आती, तब मुझे यह लोरी, गाकर सुनाती थी_ चंदा मामा दूर के पूरी पकावे भीड़ के. अपने खाए थाली में, मु read more >>
आसमान की तेज चमकती बिजली चारों ओर अंधेरे का कहर जहां काले के सिवा और कुछ नहीं इस रात को देख परेशान बेचारी गौरइया पेड़ पर बैठी अपने अण्ड� read more >>
हमारे समाज में आए दिन नई नई घटनाएं देखने को मिल रही है गलती किसी की हो पर सजा एक नारी को मिलती है चाहे वह ससुराल हो या मायका हो या समाज हो read more >>
मिस्टर बंडू लाल-( कटघरे में खड़े हैं) चंपू जी उनका वकील है,( सामने जज महोदय भोंदू दास) केस चल रही है चीनी चोरी की_( हमारे खटपटिया) थाने का द read more >>
यह घटना लगभग 30 वर्ष पहले की है, मेरी दादी मां सुनाया करती थी _ बिहार के पंचानवे नदियों में से, एक नदी सकरी भी है, जिन की महिमा यह है कि_ गर्म read more >>
मैं कितना नाजुक था, चलते चलते कभी मुंह के बल गिरता था, तब मेरे पिताजी, अपने हाथ देते थे, मैं उनकी अंगुलियां पकड़ कर, चला करता था, मैं जब भी � read more >>
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