# जो लोग जानते है सबर करना उसे वो चीज़ जरूर मिलती है
जो उसके नसीब मैं लिखा हुआ है
इंतजार के साथ सबर करना भी सीखें
जो आपका है वो आपको आता ह� read more >>
कि खोया बचपन वो अपना हमें याद है,
इन गली रास्तो कि हि तो बात है|
कर लिए आज तक हमने जितने कर्म,
फल के मिलने का हमको भी अहसास है|
की जिंदगी � read more >>
⭐ कविता = इश्तहार
प्यार तो इश्तहार हुआ !
चमड़ी का बाज़ार हुआ !!
लैला-मजनू हीर-राँझा !
जुमलों में शुमार हुआ, !!
ये रिश्ता जो था पावन !
आज क्यों read more >>
ऐ- चांद तू सोच कितना खुशनशीब है,
आसमां में रहकर भी धरा के करीब है,
मैं लिख रहा हूँ मेरे कल्पित विचार मेरी लेखनी से,
तुझ से ही करवाचौथ, तुझ read more >>
स्वरचित रचना--- प्यार किया है तो..!
संदर्भ--- प्रेम ही ईश्वर है!
प्यार किया है तो ,
क्यों रिस्क से डरें।
मरना तो एक दिन है ही,
तो क्यों न इश्� read more >>
स्वरचित रचना--- क्यूं जले पर छिड़कते...!
संदर्भ- प्यार-मनुहार
क्यूं जले पर छिड़कते नमक हो प्रिये।
एक तो मारा हूं वैसे ही प्यार का,
दूजा त� read more >>