हकीकत... कहानी... कल्पना...हो
ये सर्द रात,
या महफिल तारों की....!
ये रात की कहानी है,
या पूनम की चांद की....!
इसे कुदरत की कहानी कहूं,
या कहानी क read more >>
मुसाफिर के चलने से रास्ते बदल जायेगे ।
आज गिरे है तो कल फिर उठ जायेगे ॥
हार के सब कुछ ' हम फिर से मुस्कायेंगे ।
मगर तुमने जो छोड़ा तो फिर � read more >>
नक़ाब से ढ़का चेहरा !
हकीकत से जुदा चेहरा !!
शराफत में छिपा चेहरा !
चेहरे पे नया चेहरा !!
झूठी शान रंगा चेहरा !
सच से अब डरा चेहरा !!
आडंबरो� read more >>