वो बचपन के भी क्या दिन थे
सब कुछ ठीक था वो दादा की छड़ी से खेलना दादी के चश्मे से खेलना सबकुछ ठीक था वो मम्मी की डांट खाना कितना अच्छा था स read more >>
सेनानी भारत वर्ष के ,
पग पीछे हटा सकते नहीं ।
है संजोया वीरों ने जो ,
मान घटा सकते नहीं ।
बंदिश में गर कोई दर्द दे ,
तो मातृभूमि के लिए हम � read more >>
प्यारी नन्ही तितली रानी , क्यों मुझसे नाराज हो
कुछ तो बोलो , कुछ तो सुनलो , क्यो तुम इतनी शांत हो
ऐसी भी क्या बात हुई , जो इतना गुस्सा हो म� read more >>
" चिड़िया रानी"
चिड़िया रानी बड़ी सयानी
मोह माया सब इसने जानी
पंख फैलाए फुर हो जाती
यह कभी ना हाथ में आती
सुबह-सुबह यह जब है आती,
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लोहा आग में तपकर ;
लोहार की मार -
बनाता है मनोहर ,
इन्सान से होता है ;
इन्सानियत बढ़कर ,
जीवन की बेला ;
देख लो सच्चाई की -
पथ में चलकर ,
खुद को � read more >>