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किस तरह से तुम्हे , हम अपना हाल बताये सूझता नहीं कुछ , तुम्हें क्या क्या बताये इतना परेशान है हम , कि तुम्हें क्या बताये शादी की उम्र read more >>
मोहब्बत की रहा में खुद को अकेला है पाया हँसता था।कभी आज खुद को गुमसुम है पाया मोहब्बत की रहा में खुद को अकेला है पाया देखा खुद को जब � read more >>
वह सबसे अच्छा फूल लगता है अब पर न जाने कितनी बार जिया है मर मर कर , read more >>
छात्र जीवन.. जीवन के स्वर्णिम दिन थे तुम... कई ख्वाहिशें पन्नों में अधूरें रह गईं.. खूबसूरत सफऱ और बेहतरीन वक्त थे तुम. कई हसीन चहेर� read more >>
उन्हें उनके ख्वाब में रहने दों...! मुझे मेरी हकीकत पसंद है...!! उन्हें उनके श्रृंगार में रहने दों..! मुझे मेरी सादगी पसंद है...!! उन्हें उन read more >>
आओ मिल जाएं हम सुगंध और सुमन की तरह। एक हों जाएं चलो जान और बदन की तरह। मेरे जीने की तो सूरत है सूरत तेरी - रात_ दिन स� read more >>
दिल पर किसका जोड़ है, दिल के आगे हर कोई हारा। आलीशान कर दे मुझे तूँ ,मेरी जिंदगी में आकर ओ य़ारा। मैँ ने हज़ारों रंग के सपने बुने ह� read more >>
बदली झुकी पर्वत पर,भँवरे चमन में डोले। मोसम है मिलन का,बुलबूल फूलों से बोले। ये वक्त नहीं है इन्तजार का, ओ साथी मेरे_ तूँ कमसिन read more >>
दिल पर किसका जोड़ है, दिल के आगे हर कोई हारा। आलीशान कर दे मुझे तूँ ,मेरी जिंदगी में आकर ओ य़ारा। मैँ ने हज़ारों रंग के सपने बुने ह� read more >>
आजकल रात भर, नींद आती नहीं। एक पल के लिए, याद जाती नहीं। जीना तेरे बिन, दुश्वार हो गया_ दूजा कोई भी, शक्ल भाती नहीं।। (स्वरचित मौलिक) संद read more >>
बदली झुकी पर्वत पर,भँवरे चमन में डोले। मोसम है मिलन का,बुलबूल फूलों से बोले। ये वक्त नहीं है इन्तजार का, ओ साथी मेरे_ तूँ कमसिन read more >>
हार हुई सच्चाई की, झूठ की हो गई जीत। आज तेरे संसार की, सारी उल्टी हो गई रीत। प्रयास करने वाला हार रहा है,निठल्ले ले रहे मौज- कैसा � read more >>
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