"व़क्त ने व़क्त को कुछ ऐसे फेर दिए,
हम अपनों से ही सदा दूर हो गए"..!!
"हम रहे सदा ईंमान के अपनों में,
फिर भी हमें नज़र अंदाज़ कर गए"..!!
-मोती read more >>
अब मैंने गुनाह करना छोड़ दिया ,
अब मैंने इश्क़ बेपनाह करना छोड़ दिया ,
वह निकलती है मेरे सामने से कई एक बार दिन में__
अब मैंने उसपे निगाह � read more >>
तेरे आने की आस लिए बैठा हूं ,
सूखे लवों पर प्यास लिए बैठा हूं ,
तू एक दिन मेरे पास जरूर आएगी __
ये सोंच कर तोहफ़ा कोई खास लिए बैठा हूं ।
_ शि� read more >>
तुम न गम दो मुझे और भी बहुत से गम है मुझे मुझसे दूर न जाओ कभी पास तो बैठो कुछ अपनी कहो कुछ मेरी भी सुनो क्यों फिक्र करें जमाने की क्या कभी � read more >>