जिन्हें सदियों से चाहा उन्हें भुलाऊं कैसे ,
कांधे पकड़ कर उन्हें झुलाऊं कैसे ,
वह दूर जा बसे मेरे दामन को छोड़ कर____
आबाज़ देकर उन्हें ब� read more >>
कश्मीरी मिर्च बनकर मेरे मसालों में आजा ,
अरहर, मसूर बनकर मेरी दालों में आजा ,
हरी मिर्च के साथ तुझे खाऊंगा प्यार से ___
काश, तू मेरी ख़ातिर read more >>
हम पीते नहीं थे पिला दी यारों ने ,
पैसे नहीं थे जेब में उधार दिला दी यारों ने ,
हम तो सदा ही बेसहारा रहे * किशोर *__
आदत मेरी डाल दी रोज की सहा read more >>
उसने मेरे दिल को दिल नहीं समझा ,
उसने मुझे अपने क़ाबिल नहीं समझा ,
हमने तो बड़े अरमानों से सजाई थी प्यार की महफ़िल ___
मगर मेरी महफ़िल को उ read more >>
कुछ लोगो की आशाएं ये होती है की कुछ किये बगर ही कामयाबी मिल जाए लेकिन हकीकत में ऐसा होता ही नहीं है क्यों की कुछ किये बिना आप के अच्छे दि� read more >>