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खुदा फिर कोई कहर बरसा ऐतबार का शहर मेरा भी बसा ।। read more >>
बारिश की बूँदे फिर उलझन मे है खुदा जाने अब की बार कौन सी सुलझन में है।। read more >>
ढलती शाम मेरे शहर को भी आबाद कर इस बार मेरा थोड़ा ख्याल तो कर ।। read more >>
खुदा थोड़ा रहम फरमाए कोई बंद दरवाजा मेरे लिए खुलवाए ।। read more >>
खामियां ढूंढने वाले तो हर हसीं चीज़ में खामी ढूंढ ही लेंगे, किसी की असली खूबसूरती जाननी हो अगर, तो उन आंखों से पूछो जो खामियों में भी ख� read more >>
नाज को साज मिले ऐसे ही कलाई हर पल मुझसे मिले।। read more >>
चंगे भाग खोलना मेरे मालका मेरे वीरे दी प्रीत दा थोड़ा ख्याल कर मेरे मालका ।। read more >>
खुदा कैसा सितम है ढाया मैने फिर अपनो को खाया ।। read more >>
दुआ मे सजदा तेरा कितया अपनो की आबादी का और तुने फिर लिखा किस्सा मेरी बर्बादी का ।। read more >>
तुझे ताकू ऐसा दिन आए खुदा ऐसी नहमत सब पर फरमाए ।। read more >>
आज मौसम फिर सुहाना हो गया लगता है तुमसे मिलने का बहाना फिर पुराना हो गया।। read more >>
थोड़ा कर्म फरमा मेरे मालका हर बार मिंजो मत सता मेरे दाता ।। read more >>
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