[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
शायरी
Home
Category
शायरी
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
दुनिया में जन्म लिए हो तो जीने का कोई मकसद रखो,लेकिन सिर्फ जिंदगी काटने का मन है तो मर क्यों नहीं जाते।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम जिन्दो को क्यों जिन्दा कह रहे हो क्योंकि यहां जिसने भी मोहब्बत की है सब मुर्दा ही तो है,और मुर्दों से कभी वफा नही मिलती।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
शुक्र है कि शाजहाँ ने वफा ख़त्म होने से पहले ही ताजमहल बना दिया था।लेकिन मारने से पहले मोहब्बत खत्म होती तो, ताजमहल नहीं समशान महल बन�
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम कमजोर नहीं हो शाहब,तुम्हारी मजबूरी ने तुम्हें घुटनों पर गिरा रखा है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कोशिश करो तबतक जबतक जिंदगी को गुलाम न बना लो,क्योंकि अब तुम्हें ही फैसला करना है,जिंदगी को गुलाम बनाओगे या तुम खुद गुलाम बन जाओगे।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब को पता है मोहब्बत सिर्फ जिस्मों को पाने के लिए किया जाता है,लेकिन फिर भी लोगों को इज्जत नीलाम करने का शौख है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जबानी बीच उठ रही है जनाजा लोगों की लेकिन मोहब्बत का जनाजा कब उठेगी जो आमिर लोगों ने गरीबों से छीन ली है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम दुनिया में खुद से नही आए हो जो खुदा बने हुए हो,क्योंकि खुद से सिर्फ खुदा आया है इंसान नही।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुझे मेरी आत्माओं से मोहब्बत नही है, क्योंकि मेरी वे बसी ने तुझे मुझ से दूर कर दिया है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
चेहरा देख कर मोहब्बत करने वाले लोग इंसानों में कुत्तों के जैसा वफा ढूंढ़ते हैं।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कौन नही चाहता है हसना शाहब,क्योंकि यहाँ लोग मोहब्बत करके वफा छीन लेते हैं।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
क्यों रिबाज लिखा है मोहब्बत का ये खुदा,मोहब्बत इंसानों में लेकिन वफा कुत्तों में होती है।
read more >>
« Previous
Next »
Showing
4189
to
4200
of
5367
results
‹
1
2
...
347
348
349
350
351
352
353
...
447
448
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder