जीवन मे सुख और दुख का एक ही आकार है फर्क बस इतना है कि सुख के आकार को हम भरते नहीं और दुख के आकार को गिन गिन के भरते हैं
लेखिका प्रेरणा शर् read more >>
अब तो अरसा हो गया देखे तुझको,
फिर भी तेरी सूरत यु इस तरह से जहन में रहा करती है
जैसे कल की ही तो मुलाकात हो,
ना जानें कौन सी चमक थी तेरी आ� read more >>