Pooja Singh 30 Mar 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत #सपने बिखर गए# ग़ज़ल पूजा की #पूजा की ग़ज़लें #Google#Yahoo#Bing 44093 0 Hindi :: हिंदी
अपनों से ही तो देखो, सताये हुते हैं हम। दिल में हजारों गम,छुपाये हुए हैं हम। देखा जिसे करीब से,चाहत निगाहों से। देखो उन्हीं से आज ,ठुकराये हुए हैं हम। चाहा जिन्होंने मुझको, जिस्म -व-जान से। नादानगी में उनको,रूलाते हुए हैं हम। सपना बिखर गया वो, दूर हो गये। फिर भी लाखों अरमां,जगाये हुए हैं हम। तूफान गम के दिल में, हिलोरें हैं ले रहे। खुशियों के जश्न फिर भी,मनाये हुए हैं हम। स्वरचित लेखिका -पूजा सिंह "पूजा"