Arjun yadav dikoli 18 Nov 2025 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत कविता/लेखन/ आत्मकथा/जीवनी/ पत्रलेखन/ कहानी/ गजल संग्रह 6917 0 Hindi :: हिंदी
मेरी धड़कनों में जब से तेरा नाम उतरा, मोहब्बत का साया हर शाम मेरे साथ उतरा। तेरी एक मुस्कान ने ज़िंदगी बदल दी, वरना मैं भी काफ़िलों की धूल में कहीं बिखरा। तेरे जाने से आँखों में कई तूफ़ान उठे, तेरे आने से फिर हर दरिया शरमाकर ठहरा। तू पास नहीं, पर दिल में तेरी खुशबू है, इस ठंडी रात में जैसे कोई चिराग़ सवेरा। लोग पूछते हैं— “ये कौन है तेरी ख़ामोशी में?” मैं हँसकर कह देता हूँ— “यार, ये मेरी रूह का पहरा।” मोहब्बत की दास्तां हम लिखा नहीं करते, ये तो दिल लिखता है… और वक़्त उसे पढ़ता रहता। अगर कभी तुझ तक ये हवा कोई पैग़ाम ले जाए, तो समझ लेना— मैं आज भी तेरा ही चेहरा देखता रहता।