Samir Lande 30 Mar 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत समीर लांडे. में पतझड का मौसम हू तुम बारिश बन 123585 0 Hindi :: हिंदी
में पतझड का मौसम हू तुम बारिश बन बरस जाओ
मे लिखता रहू उम्र भर , तुम कविता बन उभर आओ
भले रुठे हो शब्द मेरे, तुम यु दिल की बात समझ जाओ
मेरी जिंदगी है एक सफर तुम मेरी मंजिल बन जाओ .
- समीर लांडे