Ranjana sharma 30 Mar 2023 ग़ज़ल प्यार-महोब्बत Google 113492 0 Hindi :: हिंदी
संभाला था मैंने बहुत अपने दिल को
मगर ए संभाले संभलता नहीं है
बताएं भी कैसे उन्हें अपने दिल की
वो नजरे हमसे मिलाता नहीं है
ठहर जाए दो पल कह दे अपने दिल की
मगर वो दीवाना ठहरता नहीं है
मुस्कुराके देखो चला वो ऐसे
मेरे दिल में चोट लगा दिखता नहीं है
हथेली पे मैंने लिख दिया नाम उसका
मगर वो दीवाना पढ़ता नहीं है
इशारे भी मैंने दिए उनको कई
मगर वो इशारा समझता नहीं है
संभाला था मैंने बहुत अपने दिल को
मगर ए संभाले संभलता नहीं है।
धन्यवाद