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आ चलेंगे जहां प्रेम पले....

मोती लाल साहु 30 Mar 2023 गीत समाजिक आ चलेंगे जहां धरती अंबर का प्रेम पले। 29096 0 Hindi :: हिंदी

आ चलेंगे जहां-
धरती अंबर का प्रेम पले

शाम ढले सूरज की लाली, 
पड़ते सरोवर में तैरते हंस

नीड़ को-
लौटते पंछी का कलरव

जब नीले अंबर में ये-
चांद सितारें खिलते हैं,
जब हवा गुनगुनाती है
 
क्या नाम दूं-
बहारों का ये बहार 

ए-चमन में-
मौसम बदल जाते हैं 

आ चलेंगे जहां-
धरती अंबर का प्रेम पले
-मोती

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