Dr Satywan Saurabh 23 Jun 2023 गीत देश-प्रेम #titalihaikhamosh #satywansaurabh #priyankasaurabh #deemaklagegulaab #yaadein #issues&pains #kudaratkipeer #fearless #nirbhyaen 36366 0 Hindi :: हिंदी
आशाओं के रंग ●●●1 बने विजेता वो सदा, ऐसा मुझे यकीन । आँखों में आकाश हो, पांवों तले जमीन ।। ●●●2 तू भी पायेगा कभी, फूलों की सौगात । धुन अपनी मत छोड़ना, सुधरेंगे हालात ।। ●●●3 बीते कल को भूलकर, चुग डालें सब शूल । बोयें हम नवभोर पर, सुंदर-सुरभित फूल ।। ●●●4 तूफानों से मत डरो, कर लो पैनी धार । नाविक बैठे घाट पर, कब उतरें हैं पार ।। ●●5 छाले पांवों में पड़े, मान न लेना हार । काँटों में ही है छुपा, फूलों का उपहार ।। ●●●6 भँवर सभी जो भूलकर, ले ताकत पहचान । पार करे मझदार वो, सपनों का जलयान ।। ●●●7 तरकश में हो हौंसला, कोशिश के हो तीर । साथ जुड़ी उम्मीद हो, दे पर्वत को चीर ।। ●●●8 नए दौर में हम करें, फिर से नया प्रयास । शब्द कलम से जो लिखें, बन जाये इतिहास ।। ●●●9 आसमान को चीरकर, भरते वही उड़ान । जवां हौसलों में सदा, होती जिनके जान ।। ●●●10 उठो चलो, आगे बढ़ो, भूलो दुःख की बात । आशाओं के रंग से, भर लो फिर ज़ज़्बात ।। ●●●11 छोड़े राह पहाड़ भी, नदियाँ मोड़ें धार । छू लेती आकाश को, मन से उठी हुँकार ।। ●●●12 हँसकर सहते जो सदा, हर मौसम की मार । उड़े वही आकाश में, अपने पंख पसार ।। ●●●13 हँसकर साथी गाइये, जीवन का ये गीत । दुःख सरगम-सा जब लगे, मानो अपनी जीत ।। ●●●14 सुख-दुःख जीवन की रही, बहुत पुरानी रीत । जी लें, जी भर जिंदगी, हार मिले या जीत ।। ●●●15 खुद से ही कोई यहाँ, बनता नहीं कबीर । सहनी पड़ती हैं उसे, जाने कितनी पीर ।।