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अधखिले कपास के फूलों से

Sudha Chaudhary 17 May 2023 गीत प्यार-महोब्बत 30047 0 Hindi :: हिंदी

तुम आते थे।
झिम झिमबरसात की बूंदों से,
अधखिले कपास के फूलों से,
कलियों की किंचित छाया से,
विचलित मन की प्रति छाया से,
कहते सुनते अपने धुन की माया से,
विश्वास की जड़ से तरल हुए  
निर्मल मन से।
तुम आते थे।
हंसकर जब भोर चहकती
अंजलि में भर कर बूंदें
चहुं ओर दिशाएं कहती,
मंद पड़ी श्वसो में
जब कहीं रागिनी बजती।
तुम आते थे।


सुधा चौधरी

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