Pooja Singh 30 Mar 2023 गीत अन्य #हर कदम पे जिंदगी रुलाती है मुझे #पूजा सिंह के गीत एवं गजल #Google#Yahoo#Bing 48552 0 Hindi :: हिंदी
हर कदम पे जिंदगी, रुलाती है मुझे। ज़ख्म दे दे कर भी ये, बुलाती है मुझे। शौक नहीं है पीने का, कुछ भी अब मुझे। ग़म की प्याली फिर भी ये,पिलाती है मुझे। गंदगी से कम नहीं, ये जिंदगी मेरी। वो जिंदगी ही क्या,न जिसमें बंदगी तेरी। कैसे कैसे राहों पे,चलाती है मुझे। हर कदम पे........ लक्ष्य को हमको अपने,पूरा करना है। दुनिया हमको कुछ भी कहे, नहीं डरना है। कैसे कैसे मोड़ पे, ये लाती है मुझे। हर कदम पे........ सोंचने से मुश्किलें,न होंगी कभी कम। डट के चलो राह पे, खुशी मिले या गम। खुद तो ये है हंसती, और रुलाती है मुझे। हर कदम पे........ भूलो उनको जिनपे, अपना नहीं अधिकार। कर लो बंदगी ,है जिनसे सारा संसार। नाम लूं जो तेरा, ये सुलाती है मुझे। लग रही ये नाव, डगमगाती है मुझे हर कदम पे......... स्वरचित लेखिका -पूजा सिंह "पूजा" ,े