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खुद को तुम अति योग्य कर

संदीप कुमार सिंह 20 May 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 26990 2 5 Hindi :: हिंदी

माया से संसार है,सबका अपना दाम।
खुद को तुम अति योग्य कर,करिए सुंदर काम।।
करिए सुन्दर काम,समाँ रौशन तब रहता।
छोड़ें कभी न आस,ज्ञान यह ही है कहता।।
कहते कवि संदीप,रखे चमचम जो काया।
और रखे मृदु भाव,करे क्या उसका माया।।
(स्वाचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)
बिहार

Comments & Reviews

संदीप कुमार सिंह
संदीप कुमार सिंह Super,Very Nice, Good Creation.

3 years ago

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संदीप कुमार सिंह
संदीप कुमार सिंह बहुत सुन्दर, लाजवाब। बेहतरीन, उत्कृष्ट रचना।

3 years ago

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