आकाश अगम 30 Mar 2023 गीत धार्मिक #भजन #bhajan #kuchh bhav sirf dekar #कुछ भाव सिर्फ़ देकर #आकाश अगम #Akash Agam #भक्ति गीत #bhakti 137855 0 Hindi :: हिंदी
कुछ भाव सिर्फ़ देकर दिल जीत ले तू मेरा फिर अर्थ धन भला क्यों है सामने बिखेरा।। जो भक्ति दिल से करते , झोली में पुण्य भरते दिल से लगा लूँ जा कर मेरा हृदय भी तरसे डर उनसे मुझको लगता , जिनमें मेरा बसेरा फिर अर्थ धन भला क्यों है सामने बिखेरा।। रहता हूँ भक्त बिन जब मैं स्वर्ग में अकेला मेरे नयन में लगता है आँसुओं का मेला फिर भी मुझे पराया दिल मानता क्यों तेरा फिर अर्थ धन भला क्यों है सामने बिखेरा।। धरती, गगन है मुझसे , मेरा चमन है तुझसे तेरी है श्वांस मुझसे , मेरा पवन है तुझसे मेरी सलामती को तू ध्यान रख ले तेरा फिर अर्थ धन भला क्यों है सामने बिखेरा।। दे ज़ोर कर्म पर तू , पायगा मेरा वर तू सच बोलने की ख़ातिर रखना खुले अधर तू जग जायें भाव तेरे , इस भाव को उकेरा फिर अर्थ धन भला क्यों है सामने बिखेरा।।