संदीप कुमार सिंह 03 Nov 2025 गीत प्यार-महोब्बत #खुशियों का सागर हो#तुम शाम की सरिता हो #बग़ीचा की रौनक तुम#बहारों पर तुम राज करती हो #पतझड़ सा जीवन है 12366 0 Hindi :: हिंदी
प्यार मैं तुम से करता हूँ दिलो जान से करता हूँ l तुम से मिलने को रात _ दिन मैं बेचैन रहता हूँ l तुम एक मलिक्का हो ... बहारों पर तुम राज करती हो खुशियों का सागर हो l बग़ीचा की रौनक तुम हो तुम शाम की सरिता हो l बातों में सितारों की चमक चेहरे पर अनुपम आब l तुम उम्र का अधिकता दुनिया में बद माहौल का हीजाब l प्यार मैं तुम से करता हूँ दिलो जान से करता हूँ l तुम से मिलने को रात _ दिन मैं बेचैन रहता हूँ l तुम एक मलिक्का हो ... पतझड़ सा जीवन है, प्यार की बहार दो मुझे संवार दो l प्रीत का मैं पुजारी मुझमें जीने का अंगार दो l मेरे सुने जीवन में चाँदनी रात की शोभा भर दो l मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ ही खुशियाँ भर दो l प्यार मैं तुम से करता हूँ दिलो जान से करता हूँ l तुम से मिलने को रात _ दिन मैं बेचैन रहता हूँ l तुम एक मलिक्का हो ... मतलबी जमाना है मतलबी हैं आज के लोग l लेकर दूसरों का दौलत और खुशी करते हैं भोग l निराशा का बादल यूँ भी सर पर छा जाता है l अनचाहे घटनायें भी घटित हो जाती है l प्यार मैं तुम से करता हूँ दिलो जान से करता हूँ l तुम से मिलने को रात _ दिन मैं बेचैन रहता हूँ l तुम एक मलिक्का हो ... तुम्हारे प्यार से ज़िन्दगी में ज्योति ही कर दो l तमाम बाधाओं को मेरी जिन्दगी से दूर कर दो l फूल की खुशबू मेरे चारों ओर रात = दिन हो l रोज ही अनेक उपहार घर _ आँगन हो l प्यार मैं तुम से करता हूँ दिलो जान से करता हूँ l तुम से मिलने को रात _ दिन मैं बेचैन रहता हूँ l तुम एक मलिक्का हो ... (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....