Poonam Mishra 30 Mar 2023 गीत समाजिक मन से पूछता हुआ एक प्रश्न 47939 0 Hindi :: हिंदी
मन! तुम क्यों इतना तेजी से चलते हो । अंतर्मन! की पीड़ा को तुम कैसे यू छुपा लेते हो। बीती बातों को भूल। तुम कैसे ?इतना तेजी से आगे बढ़ जाते हो । संघर्ष भरे उस दिन को तुम कैसे ?भूल जाते हो। रुको !कह दो अपनी मन की बातें कैसे? तुम सब कुछ छुपा लेते हो । जीवन की इस बगिया से तुम कैसे? यूं ही उड़ जाते हो। कैसे ?मैं तुमको शब्दों में व्यक्त करूं! तुम मेरे शब्द में भी नहीं समा पाते हो। मन तुम क्यों ?इतना तेजी से चलते हो।! स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा