धर्मपाल सावनेर 30 Mar 2023 गीत प्यार-महोब्बत प्यार # भरा # गीत,,, 66037 0 Hindi :: हिंदी
चमकीला आकाश है जश्न भरी रात है
आज सनम तेरे हाथ में जो मेरा हाथ है
साथ धडकने है धड़के साथ मन दोनों के तड़पे
मेरा दिल है तुझमें तेरा दिल ये परे पास है ।।
में खोया हूं तू खोई है में सोया ना तू सोई है
रात भी गुजरी दिन भी गुजरा होश नहीं कब भोर हुई है ।।
क्या खूब ये अल्फाज है प्यारी सी आवाज है
रब से मुझको मिल गई तू खुशियों की सौगात है।।
चमकीला आकाश,,,,,,
तू राधा मैं तेरा कन्हैया तू सागर हैं में हु खेवैया
ताल सजा दे बांसुरी बनकर पार लगा दे मेरी नईया।।
दीप में तू आग है गीत में तू राग है
छोड़े से भी छूटे ना जनम जनम का साथ है।।
चमकीला आकाश,,,,,,,,,,,,,
कोयल कूके शोर मचाए गुलशन ने भी फुल खिलाए
पतझडो ने पाती बिखेरे जब तुम हमसे मिलने आए
मिट गए विराग है जल गए चिराग है
बादल भी छट गए है फिर भी हो रही बरसात है
चमकीला आकाश है ,,,,,,,,,,,,
धरम सिंग राजपूत
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