Samar Singh 25 Jun 2023 गीत प्यार-महोब्बत तुम अकेले थे, तब तो पुकारना चाहिए था। 43886 0 Hindi :: हिंदी
तूने लमहा- लमहा गुजारा, एक बार भी ना मुझको पुकारा। जो एक आवाज लगाते, मुझे सामने तुम पाते। फिर से बीते पलों की, एक बार वहीं गीत गुनगुनाते। चलो मिलने का सिलसिला करे दुबारा, तूने लमहा- लमहा गुजारा.................।। तुम्हें आवाज़ क्या लगाए, मेरी यादों में तुम ही समाये। तेरे सपनों में खोये है, सोचता हूँ कोई काश न जगाये। फिर मिले न मिले कभी ऐसा नजारा। तूने लमहा- लमहा..........................।। रचनाकार- समर सिंह " समीर G"