संदीप कुमार सिंह 22 May 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 30545 0 Hindi :: हिंदी
मुश्किल बनी दरार है,जोशी मठ में आज। दूभर अब हालात है,बाधित है हर काज।। बाधित है हर काज,मातु खातिम कर विपदा। ममता की तूं रूप,बचा ले ओ माँ नन्दा।। जननी से ही आस,शक्ति मय कर दे सर्किल। बनिए सखा दिलेर,दूर कर लें हर मुश्किल।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....