आकाश अगम 25 May 2023 गीत प्यार-महोब्बत #fir-pranay-ke-geet-gaye #akashagam #poetry #kavita 41549 0 Hindi :: हिंदी
फिर प्रणय के गीत गाएं। हो गए उत्पन्न मन में द्वंद दुविधा मोह माया जगत को मन में बिठा कर कर लिया निज मन पराया प्यास में ही दोष है प्रिय स्वयं में चातक जगाएं फिर प्रणय के गीत गाएं। राग लय यद्यपि भुलाया गीत सुर में चहचहाना बात दुख की दूर, बैठे- भूल सुख में मुस्कुराना फिर भी प्रियतम जिंदगी के गद्य को भी गुनगुनाएं फिर प्रणय के गीत गाएं।