संदीप कुमार सिंह 21 Jun 2023 गीत प्यार-महोब्बत मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 36241 0 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद) रूप इतना प्यारा की पहली ही नज़र में दिल उस में डूब गया है, गुलाब की फूल सी सुरभित चेहरा आकर्षणीय शानदार लगती है, गोरे मुखड़े पर काली तिल है जो उसके लिए मेरे दिल में प्रेम कील:_ कुछ कहने का साहस हुआ दिल बात करने के लिए मचल रहा है। सौंदर्य की अप्सरा को देखने को रात भर जगा रहा, सुबह होते ही नम्बर मिलाया बात कर मजा आ रहा, सुरीली आवाज दिल को सकून_ ए_चैन खूब है दिया_ दिल उससे मिलने को आह! बेताब होता जा रहा। मिला मिलकर असीम आनंद मुझे मिल रहा है, उसकी खनकती आवाजों में दिल खोता जा रहा है, एक नायाब नज़राना मैंने उस हसीना को भेंट किया_ उनकी खूबसूरत तस्वीर जो देख वह मुस्का रही है। खुशियों से चेहरा महक रही थी तारीफ़ में बोली वाह, दिल मेरा गदगद हो गया प्यार करने की बढ़ी चाह, मैंने कह दिया I Love You Dearहस के बोली, अब आप से ही जुड़ जायेंगें मेरे जीवन की राह। धीरे_धीरे प्यार की यह सफ़र बढ़ता ही रहा, एक_दूजे के लिए हसी हसरतें बढ़ता ही रहा, दूर जीना मुश्किल था बस मिलने की चाह_ दोनों तरफ के दिल का आलम बस यही रहा। वह हसीन समय भी आया जब हम दोनों एक हुए, एक_दूजे के लिए जीने_मरने का कसम हमने लिए, प्रकृति से सुगन्धित दुआओं की बारिश पूर्ण हुई थी_ पावन प्यार में हम दोनों दो बदन एक जान हो गए। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....