Poonam Mishra 15 Jun 2023 गीत समाजिक मन की उलझन को सुलझाना है 35949 0 Hindi :: हिंदी
न जाने !मन में कितनी उलझन है! इन उलझनों को सुलझाने का! कोई एक रास्ता तो दो! कहनी है बहुत कुछ तुमसे ! कभी मेरी भी बातों को सुनने को एक शाम तो दो ! यूं ही गुजर जाएगा ! यह पल भी जरा ठहरो! एक पल रुक कर मेरे नाम कर ! दो सुनो !तुमसे कुछ कहना है! दिल की अपनी बेचैनी को तुम्हें ही सुनाना है! सुनने सुनाने को है कई बातें! गुजरते हुए पल में कभी रुक कर एक पल मेरे नाम कर दो! स्वरचित लेखिका पूनम मिश्रा